TOP 10 Must Visit Places In Ahmedabad | अहमदाबाद की १० सबसे खूबसूरत जगह

Top 10 Must Visit Places In Ahmedabad

Ahmedabad गुजरात का एक प्रमुख शहर है और Tourism की वजह से गुजरात इस समय सबका पसंदीदा शहर बन चूका है तो आज हम जानते है गुजरात के 10 सबसे खूससूरत और Must Visit Places के बारे में जिन्हे हर टूरिस्ट को जरूर घूमने जाना चाहिए।

गाँधी आश्रम | Gandhi Ashram : 

गुजरात में जन्मे गांधीजी ने इस आश्रम की स्थापना की थी और दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने के बाद यही उनका निवास स्थान भी था।  साबरमती आश्रम का दूसरा नाम गाँधी आश्रम भी है वह जाने पर ऐसा लगता है जैसे गाँधी जी वही आस पास ही है।  गांधीजी के जीवन से जुड़े चित्र और Paintings भी वह देखे जा सकते है।  यह आश्रम साबरमती नदी के किनारे बसा हुआ है इस कारन इसे साबरमती आश्रम कहा जाता है।  

इस आश्रम का Main जगह " हृदय कुञ्ज " है जहा बापू रहा करते थे।  यहाँ पे गांधीजी के द्वारा प्रयोग में लेने वाली चीजों को संजोह कर रखा गया है जैसे मेज , चरखा , खादी का कुरता और गांधीजी द्वारा लिखी गई चिट्टिया।  

गांधीजी के इस स्थान को " My Life Is My Message Gallery " कहा जाता है. 
साबरमती आश्रम के सामने तोरण रेस्त्रा पर बेहतरीन गुजरती थाली मिलती जिसका स्वाद बेमिसाल है. इस थाली में सब्जी दाल फरसान चूरमा लड्डू आदि से मन ही नहीं भरता। 

सिद्दी सैयद मस्जिद | Siddi Saiyed Mosque : 

Siddi Saiyed Mosque यह मस्जिद अहमदाबाद के मुगलकाल के दौरान बनीं आखिरी मस्जिद है इस के West Side में बानी खिड़की पूरी दुनिया में Famous है क्युकी उस पर बानी जाली का काम देखने लायक है.
बाहर की तरफ की गई नक्काशी और खुदाई जिस पर एक पेड़ का Drawing किया गया है वह भी देखने लायक है.

यहाँ के पास ही एक स्थानीय बाजार भी है जहा खरीदारों की भीड़ लगी रहती है जहा हर तरह की चीज मिलती है।  

झूलता मीनार | Jhoolta Minaar : 

यह जगह दो हिलती हुई मीनारों का जोड़ा है जिनमे से एक  सिद्दी बशीर मस्जिद के opposite स्थित है और दूसरी राज बीबी मस्जिद के opposite है इस जगह की खास बात यह है की जब एक मीनार हिलती है तो थोड़ी देर बाद दूसरी भी हिलने लगती है यह मीनार तीन मंजिल की है।  ऐसा कहा जाता है की jhoolta minaar को सिद्दी बशीर ने बनवाया था जो की सुल्तान अहमद शाह का नौकर था.
इस मीनार की खास बात यह है की इसके हिलने का कारन आज तक पता नहीं चला।

हाथीसिंग जैन मंदिर :

इस मंदिर को अहमदाबाद के एक सेठ हाथीसिंग की पत्नी ने उसकी यद् में बनवाया था जो की सफ़ेद पत्थरों से बना हुआ है और बोहोत ही सुन्दर है।  इस मंदिर में सुन्दर नक्काशी वाले १२ ख़ब्भे है।  इन पर की गई नक्काशी मुग़ल डिज़ाइन से काफी मिलती जुलती है।  यह मंदिर दो मंजिला है और मंदिर के बहार कीर्ति स्तम्भ है जो की ७८ मीटर ऊचा है इसके दोनों किनारो पर गलेरिया बानी हुई है जो बोहोत ही सुन्दर और देखने लायक है।

सरखेज रोजा :

इस जगह पर एक मस्जिद,मकबरा और एक महल है जो अहमदाबाद के जादुई इतिहास को यद् दिलाता है।  ये इमारते पानी के एक छोटे से तालाब के किनारे पर स्थित है जिसका इस्तेमाल वह के शासक रुकने के लिए करते थे इनमे एक प्रेयर कक्ष , एक गुम्बद , और कई जलीय लगी हुई है।  इन जालियो से सूरज के प्रकाश की आकृतिया बदलती रहती है।  इस जगह की वस्तुकल बोहोत ही सुन्दर और देखने लायक है।  

दांडी कुटीर :

दांडी कुटीर महात्मा गाँधी की चीजों का एक बोहोत बड़ा संग्राहलय है।  इसमें गांधीजी के शुरुवाती जीवन को audio visual , 3D shows and 360 degree shows की मदद से ख़ूबसूरती के साथ दिखाया गया है।  
























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